"Harsood" a story of pain.

by Pooja Agrawal | July 18, 2008 at 10:58 am | 80 views | add comment

कीमत तो चुकानी पड़ती है!

 

इंदिरा सागर बांध परियोजना से प्रभावित 250 गांवों और उनके दर्द के प्रतीक बने एक खंडवा जिले के हरसूद के विस्थापितों के बारे में नजदीकी जिलों और राजधानी के नेताओं, अफसरों से लेकर आम जनता तक यही राय रखते हैं.


30 जून को हरसूद डूबने के चार साल बाद विस्थापितों की बस्ती नया छनेरा में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार आपको मिल जाएंगे, जिनके लिए दो जून की रोटी दुनिया का सबसे बड़ा सवाल है. एक ऐसा सवाल जो हर रोज उनके घरों में सुबह होने के साथ जागता है और पूरा घर हर रोज उससे जुझता रहता है.

Read the complete Article on-

http://www.raviwar.com/news/40_harsud-fouryear-dsmishra.shtml

Comments (0)

Add a comment

The content of this field is kept private and will not be shown publicly.

July 18, 2008 at 10:58 am by Pooja Agrawal, 80 views, add comment

closeSign in to NowPublic

is reporting from